सिधौली ब्लाक: विकास के लिए कारगर- नए प्रधानों का नया जोश, पुरानों का पुराना अनुभव - Part 2



सीतापुर: सिंधौली ब्लाक में अधिकतर नए प्रधान चुनकर आए हैं। कुछ पुराने भी जीतकर आए हैं। हमसे साक्षात्कार के दौरान लगभग सभी प्रधानों ने अपनी प्राथमिकताएं और पंचायत की समस्याएं हमें बताईं। प्रस्तुत है - 

सरायं पंचायत की नवनिर्वाचित प्रधान सुमन रावत हैं। पंचायत वासियों ने बताया कि इस बार चुनाव में सारी बात सरांय निवासी अमित सिंह की थी, लोगों ने बताया कि एस सी सीट आने पर सुमन रावत जब चुनाव लड़ने उतरी तो पंचायत में कोई उनका समर्थन करने को तैयार नहीं था, ऐसे में अमित सिंह ने सुमन रावत की मदद की और लोगों को उनके पक्ष में किया। अमित सिंह क्षेत्र के जाने माने समाज सेवी हैं और भाजपा के अटरिया मंडल उपाध्यक्ष हैं। पंचायत भवन निर्माण लोगों के आवास आदि के साथ कई कार्य कराए जा रहे हैं। साथ ही नाली खड़ंजो रास्तों के लिए भी प्रयास जारी हैं। अमित सिंह ने बताया कि सभी के प्रयासों के जरिए पंचायत को सिधौली में अव्वल पंक्ति में रखने का प्रयास किया जाएगा।

गनीपुर के प्रधान लेखराज २०१०-१५ के बीच प्रधान रह चुके हैं। पांच साल में लोग विकास को तरस गए इसलिए फिर लेखराज को मौका दिया है। पंचायत घर की मरम्मत करवा रहे हैं। अन्य कई सरकारी भवनों के साथ रास्तों, नालियों का कार्य प्रगति पर है। लेखराज प्रधान का कहना है कि पंचायत में हर पद पर एक जन सेवा का पद हैं। और सभी पंचायत कर्मियों को सुबह से ही जनता के कार्य में लग जाना चाहिए।

टिकौली के प्रधान अखिलेश कुमार को दो कार्यकाल बाद क्षेत्र। की जनता के फिर चुना हैं। कारण यह कि बीच के दस सालों में यहां के लोग विकास को तरस गए हैं। प्रधान अखिलेश कुमार का कहना है कि वे सभी की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे। उन्होंने बताया कि करीब चालीस साल पुराना पंचायत घर गिरने की कगार पर है। जिसके स्थान पर नया पंचायत घर बनवाने का प्रयास है। इसके अलावा सामुदायिक शौचालय का काम पूरा किया है। आंगनबाड़ी भवन, बारात घर आदि नहीं है जिसके लिए प्रयास किया जा रहा है। साथ ही नाली खड़ेजों रास्तों आदि के साथ हर पात्र व्यक्ति को लाभ दिलाया जाएगा।

पहाड़पुर पंचायत की नवनिर्वाचित प्रधान सुमन लता की प्रथमिकता क्षेत्र में सभी विकास कार्य करवाना है। सभी लोगों तक सरकारी लाभ पहुचान है। सरकारी भवनों की मरम्मत करवा रही हैं। अन्य विकास भी प्रगति पर है। सुमन लता के सहयोगी महेंद्र प्रताप ने बताया कि भगौतीपुर बाजार से पांडेपुरवा गांव तक सड़क कभी बनी हीं नहीं सिर्फ पत्थर पड़े हैं, इसे बनवाने का प्रयास करना हैं।

छावन की नवनिर्वाचित प्रधान सीमा भार्गव भी क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण की पहचान हैं। जहां अक्सर महिला सीट पर कोई ना कोई पुरुष प्रतिनिधि होता है, वहीं छावन में सीमा भार्गव अपनी प्रधानी खुद कर रही हैं। तेज़ तर्रार और जागरूक महिला हैं पंचायत भवन की मरम्मत करवा रही हैं। नाली खड़ंजो रास्तों आदि के साथ करीब ३०० लोगों को शौचालय भी दिलाना उनकी प्राथमिकता हैं।

बौनाभारी के प्रधान पंकज चौधरी को एक कार्यकाल छोड़कर फिर मौका मिला है। अच्छे व्यक्ति और जुझारू प्रधान हैं। उनकी  प्राथमिकता सभी लोगों तक विकास पहुंचाना है, की सरकारी भवनों का सुधार करवा चुके। रास्तों और गलियों का काम करवा रहे हैं। लोगों ने बताया कि ढेवरा से बौनाभारी तक का संपर्क मार्ग बनवाने का प्रयास मौजूदा प्रधान पंकज चौधरी कर रहे हैं लेकिन कोई गिरीश नाम के व्यक्ति कार्य होने नहीं दे रहे हैं।

मनवा की प्रधान मेहर जहां पहली बार प्रधान चुनी गई हैं, उनके पति मो.सूफियान ने बताया कि पंचायत में किसी प्रकार के विकास अब तक हुआ ही नहीं है। इसके अलावा लोगों के राशन कार्ड नहीं है, नाम काट दिए गए है और कोटेदार भी मनमाने तरीके से अनियमितता से राशन वितरण कर रहा हैं। इसके अलावा मो. सूफियान गांव के काली मंदिर के आदर्श तालाब को मछली पालन ठेके से मुक्त कराना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि यहां कार्तिक पूर्णिमा का मेला लगता है, की धार्मिक अनुष्ठान होते है क्षेत्र के हिंदुओं के लिए यह जगह एक तीर्थ है ऐसे में आदर्श तालाब में मछली पालन उसमें पड़ता कैमिकल वहां की शांति शीतलता और पवित्रता को भंग कर रखा हैं।

अम्बरपुर की प्रधान पुष्पा शुक्ला पहली बार प्रधान चुनी गई हैं। उन्होंने बताया कि पंचायत में सभी विकास अधूरे हैं, उनके पति महेंद्र शुक्ला ने कहा कि सभी विकास कराएंगे, लोगों ने सरकारी नलों में समर्सिबल डलवा रखे हैं, उन्हें हटवाएंगे या कारवाई करवाएंगे उन्होंने सड़कों पर नाजायज तरीके से जानवरों को बांधने वाले करीब सौ खूंटे तुड़वा दिए। उनका कहना है कि फिर कभी प्रधान बने या न बने लेकिन पंचायत को सुधार कर रहेंगे।

पश्चिम गांव की नवनिर्वाचित प्रधान रामकुमारी को लोगों ने पहली बार मौका दिया है। उन्होंने बताया कि गांव में बहुत विकास काम कराने हैं। उनके पुत्र पंकज सोनी क्षेत्र के प्रसिद्ध युवा हैं, उच्च शिक्षित और जुझारू हैं। उन्होंने बताया कि सभी की समस्याओं के समाधान सड़के नाली खड़ंजे आदि के साथ गांव के अन्य दो रास्तों को बनवाना है। पंचायत वासियों ने राशन वितरण व्यवस्था में भारी खामियां बताई हैं, और कोटेदार के खिलाफ शिकायतें की हैं।

अकबपुर उनई के प्रधान विनोद कुमार गौतम काफी पहले प्रधान रह चुके हैं। इसलिए वे एक अनुभवी प्रधान हैं। सभी विकास कार्य कराने के लिए वे प्रयासरत हैं।

उमरा के नवनिर्वाचित प्रधान वीरेन्द्र कुमार ने बताया कि लोगों को आवास और शौचालय दिलाना उनकी प्राथमिकता है। करीब २५० लोगों को शौचालय पिछले कार्यकाल में दिए ही नही गए। वीरेन्द्र कुमार ने बताया कि कारण जो भी रहे हों, पर अब वे सभी के साथ न्याय करेंगे, उनके अनुसार सब कार्य अधूरे पड़े हैं। पंचायत भवन मरम्मत योग्य है, सामुदायिक शौचालय अधूरा है, आंगनबाड़ी भवन जर्जर हैं। प्रधान सभी कार्यों के लिए प्रयासरत हैं।

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