बिजुआ ब्लाक: नवनिर्वाचित प्रधान, विकास की इच्छा एक समान! (पार्ट-2 )

 


इस पंचवर्षीय में ज्यादातर नए प्रधान हुए हैं, जिन्होंने अच्छे कार्य किए थे उन्होंने फिर वापसी की है। आइए जानें उनकी विकास संबंधी समस्याएं और प्राथमिकताएं-

पकरिया सल्लिहा पंचायत और यहां के प्रधान श्यामल सिंह की बात निराली है। विकास और सेवा भावना उनका मंत्र है। यहां की जनता या तो उन्हें ही प्रधान चुनती हैं या उनका आशीर्वाद प्राप्त अन्य व्यक्ति को। कारण यह कि पंचायत में लगभग सभी विकास और योजनाएं लगभग सभी तक पहुंची हैं। उनका और उनके परिवार के प्रयासों का नतीजा रहा कि राधेनपुरवा तक बरसों से अधूरी पड़ी पथरीली ऊबड़-खाबड़ सड़क का निर्माण हाल ही में पूरा किया गया है। उनकी मांग है कि पंचायत में शमशान घाट का निर्माण कराया जाए, और पकरिया सल्लिहा फीडर पर जो बिजली लाइन है उसके तार इतना नीचे हैं कि गन्ने की उन्नत फसल को छू रहे हैं, उसे ऊंचा किया जाए।

सोनपीपर पंचायत के प्रधान तेजपाल सिंह को जनता ने उन्हें अन्य प्रधानों से परेशान होकर चुना है, खासकर युवा वर्ग ने। तेजपाल सिंह एम कॉम, एम ए, एल बी आदि डिग्री धारक जुझारू, कर्मठ व्यक्ति हैं। पहले भी प्रधान रह चुके हैं और आज भी ज्यादातर विकास कार्य उन्हीं के कार्यकाल के ही हैं। जनता ने बताया कि पिछले कार्यकालों में प्रधानों ने सड़कें इंटरलाकिंग, आरसीसी आदि तक नहीं करवाईं, और जो भी कार्य किए सब भेदभाव पूर्ण किए, योजनाओं से चयनित पात्रों के नाम भी कटवा दिए। इसका सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि पंचायत में आज भी करीब ढाई सौ लोगों को स्वच्छ भारत अभियान के निजी शौचालय तक नहीं दिए गए हैं। इसके साथ स्कूलोें और जर्जर पड़े पंचायत भवन छोड़ दिया जाए तो पंचायत में अन्य कोई सरकारी भवन नहीं है। प्रधान तेजपाल सिंह लोगों के लिए, विकास के लिए लग गए हैं।

भीरा बहुत बड़ी पंचायत है। वोट और आबादी के लिहाज से भीरा को कभी का नगरपंचायत हो जाना्  चाहिए था। पर किन्हीं कारणों से नहीं हो सका। और इन्हीं वजहों से उत्पन्न समस्याओं को सुलझाना ही नवनिर्वाचित प्रधान अशोक कुमार गुप्ता की चुनौती है। उनके अनुसार कम से कम आठ सफाईकर्मी हों तो सफाई व्यवस्था में कुछ सुधार हो, जबकि पंचायत में एक ही सफाईकर्मी की नियुक्ति है। इसके अलावा वे प्रस्तावित नालों के निर्माण के लिए क्षेत्रीय सांसद, विधायक व जिला पंचायत अध्यक्ष से भी लगातार निवेदन कर रहे हैं। जन सुविधाओं का यह हाल है कि भीरा में एक भी आंगनबाड़ी भवन नहीं है।  मार्ग प्रकाश व्यवस्था का बहुत बुरा हाल है। सड़कें नालियों की स्थिति बदतर है। अशोक कुमार गुप्ता का कहना है कि वे पात्र व्यक्ति और जगह दोनों के सुधार के लिए दृढ़प्रतिज्ञ हैं।

बिजुआ पंचायत काफी बड़ी पंचायत है, वहां की समस्याएं भी काफी बड़ी हैं। नवनिर्वाचित प्रधान सोनेलाल व प्रधान प्रतिनिधि उत्कर्ष दीक्षित की प्राथमिकताएं सभी कार्य करवाने की है। क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या जरूरतमंदों के राशन कार्ड न होना है। लोगों के मुताबिक कोटेदारों और रसूखदारों ने सैकड़ों पात्र कार्ड धारकों के नाम कटवा दिए और उनकी जगह ऐसे लोगों के नाम जुड़वा दिए जो कोटे का राशन बेच लेते हैं। इसी तरह सैकड़ों परिवारों के नाम आवास और शौचालय पात्रता सूची से कटवा दिए गए इसके अलावा नाली, रास्तों, जलभराव आदि के साथ छुट्टे जानवर तो सबसे बड़ी समस्या हैं ही। प्रधान प्रतिनिधि उत्कर्ष दीक्षित ने कहा कि बिजुआ में जिले का मॉडल बाजार बनवाना है, और एक पशु चिकित्सालय का प्रयास भी है।

सोनारीपुर के अवधेश गिरि लगातार दूसरी बार प्रधान हुए हैं। जनता ने उन्हें उनके पांच साल के कार्यकाल को देखते हुए फिर से मौका दिया है। पंचायत के लोगों का कहना है कि अवधेश गिरि ने इतने अच्छे विकास कार्य किए हैं कि जो पहले कभी नहीं हो पाए थे, लगभग सभी सरकारी भवन, रास्ते गलियां नालियां आदि ठीक हैं। अवधेश गिरि ने कहा कि इसी तरह विकास को आगे बढ़ाना है। 

रामालक्षना के नवनिर्वाचित प्रधान अरविंद कुमार युवा, जुझारू व एम ए डिग्री धारक उच्च शिक्षित व्यक्ति हैं।  पंचायत भवन का निर्माण करवा रहे हैं, पानी की टंकी लगवाने जा रहे हैं, और एक आधुनिक पंचायत हाट बाजार बनवाने के लिए प्रयासरत हैं। इसके अलावा सफाई व्यवस्था नालियां रास्ते जलभराव आदि पर लगातार कार्य करते रहेंगे। साथ ही पंचायत में हर पात्र जरूरतमंद की मदद करेंगे।

मूड़ा बुजुर्ग की नवनिर्वाचित प्रधान कुसुमा देवी पहली बार प्रधान चुनी गई हैं, उनकी व उनके पति अरविंद कुमार और ससुर खुशीराम की समाजसेवा से प्रभावित होकर लोगों ने उन्हें प्रधान चुना है। उनकी प्राथमिकता सरकारी भवनों के सुधार के साथ आंगनबाड़ी भवन का निर्माण करवाना है जो कि आज तक इस पंचायत में नहीं हो सका है। इसके अलावा जलनिकास, मार्ग सुधार आदि के साथ पंचायत की सुरक्षित जमीनों को अवैध कब्जा मुक्त करवाना है। यहां लोगों की शिकायत लेखपाल को लेकर है जो पंचायत में कभी लोगों के या प्रधान के बुलाने पर भी नहीं आता न किसी का काम करता है, जिससे तमाम लोगों के लेखपाल संबंधित कार्य नहीं हो पा रहे हैं!

नौसर जोगी पंचायत के नवनिर्वाचित प्रधान शिवकुमार ने बताया कि पंचायत का चहुंमुखी विकास ही उनकी प्राथमिकता है। लोगों के अनुसार पंचायत में पिछले कार्यकालों में किसी प्रधान ने विकास पर ध्यान ही नहीं दिया, शिवकुमार के जनता के प्रति सेवाभाव को देखते हुए ही उन्हें प्रधान चुना है।
पंचायत की सड़कों, नालियों, जलभराव आदि की बड़ी समस्या है। शिवकुमार ने बताया कि सभी समस्याओं के समाधान के साथ वे स्कूलों की मरम्मत, बाउंड्री और सुधार पर विशेष ध्यान देंगे, नौसर जोगी के टूटे फ़ूटे स्कूल जैसे जानवरो का घर बने हुए हैं, कूड़े के ढेर लगे हैं। और तो और लोग भी स्कूल परिसर में अपने जानवर बांथते हैं।

गोविंदापुर पंचायत की नवनिर्वाचित प्रधान श्यामपति ने बताया कि पंचायत में पिछले काफी सालों से एक भी विकास कार्य नहीं कराया गया। श्यामपति के पति राकेश कुमार क्षेत्र के प्रसिद्ध समाजसेवी हैं, लोगों की सेवा और उनके काम के प्रति सदैव तत्पर रहना ही उनका प्रिय काम रहा है। पंचायत वाकई बहुत पिछड़ी हुई है। सड़कों, नालियों, खड़जों और सरकारी भवनों की हालत बहुत खस्ता है। आंगनबाड़ी भवन एक भी नहीं है। और तो और पंचायत के सात गांवों में से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा सिर्फ दो गांवों में ही पुष्टाहार वितरण किया जाता है। पंचायत वासियों के अनुसार तमाम लोगों को स्वच्छता अभियान वाले निजी शौचालय नहीं दिए गए या अधूरे पड़े हैं जबकि कागजों पर सभी बन चुके हैं,‌‌ यही  हाल अन्य विकास कार्यों का है। राकेश कुमार ने कहा कि अगले पांच साल में पंचायत की तस्वीर बदलने का पूरा प्रयास किया जाएगा।

दौलतापुर पंचायत के प्रधान पप्पू एक कार्यकाल छोड़कर फिर प्रधान चुने गए हैं। लेकिन पंचायत वासियों के अनुसार यही दौर उनके लिए बुरा अनुभव रहा कि जब बीते पांच सालों में सभी विकास कार्य रुक गए। पप्पू प्रधान के फिर से जीतने से लोगों में हर्ष की लहर है। पप्पू प्रधान के प्रतिनिधि शकील अहमद ने बताया कि सभी अधूरे पड़े काम पूरे करवाना ही उनकी प्राथमिकता है, पंचायत भवन आदि पूरे करवाए जा रहे हैं। अन्य विकास और पात्रों के लाभ दिलाया जाएगा। शकील अहमद ने कहा कि पंचायत की सबसे बड़ी समस्या शारदा कटान से होती हानि है , इस आपदा से लोगों को राहत दिलाना ही उनका संघर्ष और संकल्प है।

मंझौरा पंचायत की नवनिर्वाचित प्रधान किशोरी देवी की प्राथमिकता लोगों के दयनीय जीवन स्तर को सुधारने की है उनके पुत्र तोताराम ने बताया कि पिछले दस सालों से पंचायत विकास को तरस गई। सरकारी भवन नहीं हैं, एक दो कोई हैं तो जर्जर हैं। सड़कें, नालियों और जलभराव की स्थिति बहुत खराब है, कचनारा तक संपर्क मार्ग कच्चा है। तोताराम के अनुसार सभी कार्य प्राथमिकता से कराए
जाएंगे।


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