बवासीर से ना हों परेशान, घर पर ही यूं करें इलाज

बवासीर के इलाज के लिए एलोवेरा का इस्तेमाल सालों से किया जाता रहा है। दरअसल, इसमें एंटी−इंफलेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो जलन को कम करने में मदद करते हैं। बवासीर के इलाज के लिए आपको एलोवेरा के पौधे से जेल निकालकर उसका ही उपयोग करना चाहिए।



 



बवासीर को यूं तो एक स्वास्थ्य समस्या माना जाता है, लेकिन वास्तव में यह काफी कष्टकारी होती है। इस समस्या में आपकी गुदा व मलाशय की नसों में सूजन आ जाती है। जिसके कारण व्यक्ति को दर्द, खुजली या कभी−कभी गुदा से खून भी निकलता है। बवासीर का एक मुख्य कारण कब्ज है। यह समस्या आमतौर पर उन लोगों में अधिक देखने को मिलती है, जिन्हें लंबे समय तक बैठकर काम करना पड़ता है। हालांकि इस समस्या से निजात पाने के लिए आप डॉक्टर को दिखा सकते हैं, लेकिन कुछ घरेलू उपायों की मदद से भी इसका इलाज किया जा सकता है। तो चलिए जानते हैं बवासीर का इलाज करने के लिए कुछ घरेलू उपायों के बारे में−


एलोवेरा


बवासीर के इलाज के लिए एलोवेरा का इस्तेमाल सालों से किया जाता रहा है। दरअसल, इसमें एंटी−इंफलेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो जलन को कम करने में मदद करते हैं। बवासीर के इलाज के लिए आपको एलोवेरा के पौधे से जेल निकालकर उसका ही उपयोग करना चाहिए। हालांकि इस नुस्खे को आजमाने वाले कहते हैं कि कुछ लोगों को एलोवेरा से एलर्जी होती है। इसलिए पहले आप इसे अपने बाजू पर रगड़कर पहले चेक कर लेना चाहिए। अगर आपको कोई प्रतिक्रिया नहीं होती है तो आप इसका इस्तेमाल आसानी से कर सकते हैं।


कोल्ड कंप्रेस


बवासीर की समस्या में अक्सर गुदा मार्ग में सूजन आ जाती है। ऐसे में सूजन से राहत पाने के लिए आईस पैक या कोल्ड कंप्रेस का इस्तेमाल करना एक अच्छा विचार है। बड़े बुजुर्गों के अनुसार, जलन या सूजन होने पर कोल्ड कंप्रेस एक बेहद ही प्रभावी उपचार साबित हो सकता है। इसलिए बवासीर के इलाज के लिए भी कपड़े या पेपर टॉवल के अंदर बर्फ लपेंटे और प्रभावित स्थान पर कुछ देर के लिए रखें। हालांकि इस नुस्खे को आजमाते समय कभी भी बर्फ को सीधे ही इस्तेमाल ना करें।


मल सॉफ्टनर


नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज के अनुसार, स्टूल सॉफ्टनर या फाइबर सप्लीमेंट जैसे साइलियम कब्ज से राहत दिलाने और स्टूल को नरम बनाने में मदद कर सकते हैं और इससे तेज, दर्द रहित मल त्याग करने में आसानी होती है। चिकित्सकों के अनुसार, इनमें से कई मल सॉफ़्नर पाउडर, कैप्सूल और तरल पदार्थ जैसे रूपों में आते हैं, जिन्हें आप दिन में एक से तीन बार मुंह के द्वारा लेते हैं।


बढ़ाए पानी की मात्रा


यह दादी मां का एक सालों पुराना नुस्खा है। महज पानी की मात्रा बढ़ाकर कई तरह की समस्याओं से आसानी से निजात पाई जा सकती हैं। बवासीर भी इनमें से एक है। दरअसल, पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करने से बाउल मूवमेंट हेल्दी रहता है। पानी की पर्याप्त मात्रा से कब्ज दूर होती है और इस तरह से बवासीर से भी छुटकारा मिलता है। प्रतिदिन आठ से दस गिलास पानी पीने से पाचन तंत्र बेहतर रहता है। वैसे भी कहा जाता है कि रोकथाम इलाज से बेहतर है। इसलिए इस नियम को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और बीमारियों से खुद को दूर रखें। 


 



 



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