द्रौपदी की वो 5 बातें जिसकी वजह से हुआ महाभारत का महायुद्ध


महाभारत के महायुद्ध में कई महान योद्धाओं ने भाग लिया और इस दौरान कई ऐसी घटनाएं हुई जिनका जिक्र आज भी किया जाता है। लाखों की संख्या में सैनिक इस युद्ध में मारे गए थे। द्रौपदी को इस युद्ध के सबसे मुख्य और अहम किरदार के रूप में देखा जाता है और आज हम आपको द्रौपदी की 5 ऐसी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके कारण ये युद्ध हुआ।


द्रौपदी ने दुर्योधन के ल‌िए कहा था 'अंधे का पुत्र अंधा'। घटना उस समय क‌ि है जब पांडवों ने इंद्रप्रस्‍थ में युध‌िष्ठ‌िर के राज्यभिषेक के समय कौरवों को इंद्रप्रस्‍थ में आमंत्र‌ित क‌िया। वहां पर अचानक दुर्योधन गिर गया जिसे देख कर द्रौपदी हंसने लगी और कहा अंधे का पुत्र अँधा। तब से दुर्योधन द्रौपदी से बदला लेना चाहता था। ये भी महाभारत का युद्ध होने का एक कारण था। 


इंद्रप्रस्‍थ में अपमान के बाद दुर्योधन ने युधिष्ठिर के साथ जुआ खेला और इस जुए में पांडव अपना सारा राज, पाठ, संपत्ति और अपनी पत्नी द्रौपदी को भी हार गए। तब दुर्योधन ने द्रौपदी का वस्त्रहरण किया और बाल खींच कर उसे भरी सभा में ले गया। अपना अपमान होने के बाद द्रौपदी ने कसम खाई कि वह होने बाल जब तक नहीं बांधेगी जब तक दुर्योधन के खून से अपने बाल नहीं धो लेती। इस से पांडवों के मन में बदले की आग पैदा हो गई और ये भी महाभारत युद्ध का कारण बना।


तीसरा कारण ये था कि जब इसके बाद जब पांडव वन में जाने लगे तो उन्होंने द्रौपदी को महल में रहने के लिए ही कहा लेकिन द्रौपदी ने कहा कि तुम जहाँ जाओगे मैं तुम्हारे साथ ही रहूगी ताकि तुम्हे अपने अपमान की याद दिलाती रहु इस से भी महाभारत का युद्ध हुआ।


चौथा कारण जयद्रथ को पांच चोट‌ियों वाला बनाकर जीव‌ित छोड़ देने की सजा। जब पाण्डव 13 साल का वनवास काट रहे थे तो एक द‌िन दुर्योधन का जीजा जयद्रथ द्रौपदी को अपहरण कर के उसे अपने साथ अपने राज्य ले जाने लगा। तब पांडवों ने उसे बंदी बना लिया और उसे जान से मारना चाहते थे लेकिन द्रौपदी ने उन्हें रोका और कहा कि इसके सारे बाल काट दिए जाएं और 5 चोटियां छोड़ दी जा जिस से ये किसी को अपना मुँह नहीं दिखा सके। जयद्रथ इस घटना के बाद पांडवों से बदला लेने की ताक में लग गया और महाभारत के युद्ध में जयद्रथ ने अभिमन्यु की हत्या कर दी।


द्रौपदी कर्ण से प्रेम करती थी लेकिन अलग जाती में होने के कारण उनका विवाह नहीं हो सका इस बात का कर्ण को काफी दुःख था। जब पांडव द्रौपदी को हार गए तो कर्ण ने कहा कि जो स्त्री 5 पतियों के साथ रहती है उसका क्या मान सम्मान और अपमान। द्रौपदी ने कर्ण के इन शब्दों का बदला लेने के ल‌िए अर्जुन को उकसाया और अंत में महाभारत के युद्ध में कर्ण को मारकर अर्जुन ने द्रौपदी का बदला पूरा क‌िया


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