राम मंदिर काेे लेकर योगी सरकार के सामने आई यह बड़ी मुसीबत


नईदिल्‍ली। राम मंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 4 महीने पहले ही अपना फैसला साफ कर दिया है, सुप्रीम कोर्ट ने विवादित स्थल पर राम मंदिर बनाने की अनुमति दे दी है लेकिन इसके बाद अब एक नई मुसीबत सामने आ गई है, आपको बता दें कि इस कारण अब राम मंदिर के निर्माण में परेशानी हो सकती है। दरअसल अयोध्या में स्थापित राम मंदिर के निर्माण के लिए बनाए गए ट्रस्ट श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को इस इलाके में रहने वाले 9 मुस्लिम लोगों ने चिट्ठी लिखी है। उन्होंने अपनी चिट्ठी में यह अपील की है कि मुसलमानों की कब्र पर नया राम मंदिर ना बनाएं। इस चिट्ठी में यह कहा गया है कि बाबरी मस्जिद के आसपास 1480 वर्ग मीटर के क्षेत्र में नया राम मंदिर ना बनाया जाए। 

 

9 मुस्लिम नागरिकों ने राम मंदिर ट्रस्ट को लिखी चिट्ठी- इस चिट्ठी में यह दावा किया गया है कि आज भले ही मौके पर कब्र ना दिख रही हो लेकिन वहां की 5 एकड़ जमीन पर मुसलमानों की कब्रें थीं। ऐसे में वहां मंदिर निर्माण कैसे किया जा सकता है, 9 मुस्लिम नागरिकों ने वकील के माध्यम से ट्रस्ट को भेजी गई, इस चिट्ठी में यह भी कहा है कि "केंद्र सरकार की ओर से साल 1993 में अयोध्या में अधिग्रहित की गई 67 एकड़ जमीन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरकार ने राम मंदिर निर्माण के लिए दी है। इस जमीन पर पहले मुसलमानों की कब्र हुआ करती थीं, केंद्र सरकार ने इस बात पर विचार नहीं किया कि मुसलमानों की कब्र पर भव्य राम मंदिर कैसे बन सकता है यह धर्म के खिलाफ है।"

मोदी ने लोकसभा में किया था ये ऐलान- आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बजट सत्र 2020 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में यह ऐलान किया था कि अयोध्या में अधिग्रहित 67 एकड़ जमीन राम मंदिर ट्रस्ट को दी गई है। पीएम मोदी ने यह भी कहा था कि उत्तर प्रदेश अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश अनुसार सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन देने पर सहमत हो गया है।