इस मंदिर में नाग-नागिन आते हैं भगवान शिव की पूजा करने


रायपुर। आज पूरे देश में महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया जा रहा है। महाशिवरात्रि को लेकर तडक़े ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। भक्त बेल पत्र, दूध समेत अन्य सामग्री शिवलिंग पर चढ़ा रहे हैं। नाग पंचमी के दिन सभी समस्याओं के निवारण और नागदेवता के पूजन के लिए सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। इस दिन लोग नागदेवता के मंदिर में पूजा करते हैं, इसके अलावा अपने सभी कष्टों को दूर करने के लिए नाग पंचमी के दिन सर्प पूजन करना चाहिए। माना जाता है की इस दिन कालसर्प दोष के निवारण के लिए भी पूजा की जाती है।


छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक ऐसा रहस्यमयी मंदिर है जहां नाग-नागिन का जोड़ा भगवान शिव की पूजा करने आता है। इस मंदिर दर्शन मात्र से ही मन्नतें पूरी हो जाती है। इस मंदिर में करीब 250 साल पुराना प्राचीन पंचमुखी शिवलिंग है। ऐसी मान्यता है कि यहां नि:संतान मन्नत मांगते हैं तो उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है और उनकी सुनी गोद में किलकारियां खिल उठती हैं। मंदिर की स्थापना सरोना के जमींदार स्व. गुलाब सिंह ठाकुर के द्वारा संतान प्राप्ति के लिए ही किया था। ठाकुर परिवार के वंशजों का कहना है कि उनके पूर्वज निसंतान थे। कई जगह दुवाएं मांगी पर उन्हें पुत्र नहीं मिला, लेकिन मंदिर स्थापना के कुछ साल बाद ही उन्हें पुत्र की प्राप्ति हुई।


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