सैलानियों के लिए खुशखबरी, प्रवासी परिंदों से गुलज़ार हुआ दुधवा नेशनल पार्क

सर्दियों में यूरोपीय देशों के अलावा मध्य एशिया (Central Asia), चीन (China), तिब्बत (Tibet), साइबेरिया (Siberia) के साथ लद्दाख (Ladakh) जैसे स्थानों से बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों के झुंड तराई के जलाशयों में आते हैं.



लखीमपुर. दुधवा टाइगर रिजर्व (Dudhwa Tiger Reserve) आने वाले सैलानियों (tourists) के लिए खुशखबरी है. टाइगर रिजर्व (Tiger Reserve) में प्रवासी परिंदों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है. वन विभाग ने यहां आने वाले सैलानियों के साथ ही हजारों मेहमान पक्षियों के स्वागत और सुरक्षा की तैयारियां शुरू कर दी हैं. दुधवा टाइगर रिजर्व (Dudhwa Tiger Reserve) के डायरेक्टर संजय पाठक का कहना है आने वाले मेहमान परिंदों की सुरक्षा और उनके भोजन का पार्क प्रशासन पूरी तरीके से ख्याल रखेगा.

हजारों किलोमीटर की दूरी तय करते हैं प्रवासी परिंदे
News 18 से बातचीत में अथवा टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर ने कहा कि यहां पर कुशलता पूर्वक टाइगर को प्रोटेक्ट तो किया ही जा रहा उनकी संख्या में भी खासा इजाफा हुआ है साथ ही यहां आने वाले सभी मेहमान परिंदों की सुरक्षा के लिए भी टावर बना दिए गए हैं और इनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोर एरिया में हाथियों से गश्त की जा रही है.



संजय पाठक कहते हैं कि सर्दियों में जब ठंडे देशों के जलाशयों में बर्फ जम जाती है तो ऐसे में इन पक्षियों के भोजन और आवास की समस्या पैदा हो जाती है. तब यह पक्षी लगभग 15 हजार किलोमीटर की दूरी तय कर भारत समेत अन्य गर्म देशों की ओर रुख करते हैं. ये प्रवासी पक्षी नवंबर से फरवरी तक चार माह प्रवास कर प्रजनन करते हैं. इन दिनों तराई के जलाशय प्रवासी पक्षियों से गुलजार हो जाते हैं. रंग-बिरंगे प्रवासी परिंदों का कलरव प्रकृति और पक्षी प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित करता है. बर्ड वाच (Bird watch) के शौकीन और पक्षियों की गतिविधियों का अध्ययन करने वाले लोग भी इन दिनों जलाशयों के इर्द-गिर्द डेरा डाल देते हैं.


सर्दियों में सात समुंदर पार यूरोपीय देशों के अलावा मध्य एशिया (Central Asia), चीन (China), तिब्बत (Tibet), साइबेरिया (Siberia)आदि देशों के साथ लद्दाख (Ladakh) आदि स्थानों से बड़ी संख्या में जलीय पक्षियों के झुंड तराई के जलाशयों में आते हैं. खीरी की सेमरई झील, नगरिया झील, मैनहन झील, रमियाबेहड़ झील, महमदाबाद, शारदा नहर का सीपेज वाला क्षेत्र, किशनपुर सेंक्चुरी के झादी ताल, शारदा बैराज, शारदा नहर, दुधवा नेशनल पार्क में सुहेली नदी, और विभिन्न तालाबों समेत दर्जनों जलाशयों में प्रवासी परिंदे चार माह के लिए आशियाना बनाते हैं. यहां उन्हें प्राकृतिक आवास और भोजन मिलता है.