कोल इंडिया को चुकानी पड़ी एक बकरी की कीमत 2.7 करोड़ रुपये, जानिए पूरा मामला


ओडिशा में एक बकरी की मौत के कारण कोल इंडिया की यूनिट महानदी कोलफील्ड लिमिटेड को 2.7 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है. दरअसल कोयला परिवहन डिपर की चपेट में आने से बकरी की मौत हो गई थी, जिसके बाद स्थानीय लोग प्रदर्शन पर उतर आये और कंपनी का काम रोक दिया गया. एमसीएल के प्रवक्ता डिकेन मेहरा के बयान में कहा गया, "यह आश्चर्यजनक है, लेकिन सच है. एक बकरी भी आपका इतना खर्च कर सकती है."


कंपनी ने एक बयान में कहा कि बकरी की मौत के बाद भीड़ ने जगन्नाथ सिंडिंग्स 1 और 2 के कामकाज को तीन घंटे के लिए रोक दिया गया. लोग 60 हजार का मुआवजा मांग रहे थे. तालचेर कोलफील्ड्स में कोयला परिवहन में सबसे बड़ा माना जाता है. यहां पास के एक गाँव के स्थानीय लोगों ने प्रतिबंधित खनन क्षेत्र में एक दुर्घटना में एक बकरी की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन किया और सुबह के तकरीबन 11 बजे से काम रोक दिया. काम साढ़े तीन घंटे रुका रहा और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद ही फिर से शुरू हुआ.


कोल इंडिया ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है. एक बयान में कहा गया है "परिधीय इलाकों के लोग जानबूझकर कोयला खदान और अतिवृष्टि वाले क्षेत्रों में कोयला, जलाऊ लकड़ी लेने और यहां तक कि अपने पशुओं को चराने के लिए भी परेशान करते हैं." इस विरोध से ओडिशा सरकार का भी 46 लाख का नुकसान हुआ. कंपनी ने एक विज्ञप्ति में कहा है कि ऐसी रुकावटों से देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने में झटका लगेगा.


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