बिजुआ ब्लाक: नवनिर्वाचित प्रधान, विकास की इच्छा एक समान! (पार्ट- 1)


इस पंचवर्षीय में ज्यादातर न ए प्रधान हुए हैं, जिन्होंने अच्छे कार्य किए थे उन्होंने फिर वापसी की है। आइए जानें उनकी विकास संबंधी समस्याएं और प्राथमिकताएं-

बीबीपुर पंचायत के निर्वाचित प्रधान बलवंत सिंह लगातार दूसरी बार प्रधान हुए हैं। इसके पीछे विशेष वजह है, वह वजह है अपनी जनता के हित के लिए दिन रात लगे रहना। बलवंत सिंह अलग तरह के प्रधान हैं। वे जनहित की जायज बात और जायज मांग के लिए हर स्तर के नेता व अधिकारी से भिड़ जाते हैं। पंचायत वासियों के अनुसार उनके लगातार कार्यकाल में बहुत विकास कार्य हुए हैं, इसी तरह आगे भी सेवा और विकास की गंगा बहती रहेगी।

क्षेत्र वासियों की पुरानी शिकायत है कि इटकुटी में आशा टांडा की ओर जाने वाली सड़क पर जलभराव की भीषण समस्या है , हमेशा लोगों की जान माल का खतरा बना रहता है, बीबीपुर प्रधान बलवंत सिंह इस समस्या समाधान के लिए लगातार बहुत दौड़ भाग कर रहे हैं, उनके प्रयास से क्षेत्रीय विधायक आदि जनप्रतिनिधियों ने भी संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखे पर कोई समाधान नहीं हुआ, समस्या जस का तस है।

डिमरौल की नवनिर्वाचित प्रधान सीता देवी पहली बार प्रधान चुनी गई हैं। उनके पति रामनिवास क्षेत्र में जाने माने समाजसेवी हैं। शिक्षित और जागरूक लोगों का परिवार है। उनकी प्राथमिकता में सबसे पहले पंचायत को कूड़ा, गंदगी मुक्त कराना है। कार्यकाल अभी ठीक से भी नहीं हुआ फिर भी वे अपने निजी धन खर्च से सफाई व्यवस्था ठीक करने में लग गए। पंचायत भवन निर्माण और सभी सभी योजनाओं का लाभ जनता को दिलवाना ही उनकी प्राथमिकता है।

इटकुटी पंचायत के नवनिर्वाचित प्रधान मुकेश सिंह 'शेरू' पहली बार प्रधान चुने गए हैं। काफी जुझारू और ऊर्जावान प्रधान हैं। उनकी प्राथमिकताओं में पंचायत की नालियां रास्ते आदि ठीक करवाना है और पंचायत को खडंजा मुक्त करवा कर इंटरलाकिंग, आरसीसी करवाना है। पंचायत वासियों ने बताया कि अभी तक सैकड़ों लोगों को स्वच्छता अभियान के तहत बनने वाले निजी शौचालयों का लाभ नहीं मिला है, जलनिकास की समस्याएं भी हैं। मुकेश सिंह'शेरू' ने कहा कि वे सभी समस्याओं का समाधान करवाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पीडब्ल्यूडी की ओर से निर्माणाधीन नाले का रुका काम शुरू हो ताकि जलनिकासी की समस्या का समाधान हो सके।

कुंवरपुर कलां पंचायत की बात और वहां की जनता की बात सबसे अलग है। जनता लगातार प्रधान रक्षपाल सिंह या उनके परिवार में प्रधानी सौंपते आ रहे हैं! और जनता के अनुसार उनका फैसला कभी ग़लत भी नहीं हुआ। रक्षपाल सिंह व उनका परिवार हमेशा जनता की सेवा व उनकी उम्मीदों पर खरा उतरता रहा है, रक्षपाल सिंह ने कहा कि वे आगे भी निरंतर विकास और सेवा की भावना में कमी नहीं आने देंगे।

रामनगर कलां ग्रामपंचायत के नवनिर्वाचित प्रधान महेश सिंह युवा, स्नातक और जुझारू व्यक्ति हैं। उनकी प्राथमिकता में रास्तों की मरम्मत, जलभराव, सफाई व्यवस्था आदि ठीक करवाना है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत अभी भी करीब दो सौ लोगों को शौचालय नहीं मिल सके हैं, आवास बाकी हैं, महेश सिंह प्रयासरत हैं।

परड़िया तिलकापुर के राम अनुज वर्मा परिवार में दूसरी बार प्रथानी आई है। बीच का एक कार्यकाल छोड़कर दोनों बार उनकी पत्नी सुभा वर्मा प्रधान हुईं। पंचायत वासियों के अनुसार सुभा वर्मा ने अपने पिछले कार्यकाल में जिस तरह से ज्यादा से ज्यादा विकास कार्य कराए थे, उसे ही ध्यान में रखते हुए जनता ने उन्हें फिर से प्रधान बनाया है। सुभा वर्मा के पति राम अनुज वर्मा पंचायत में सभी की समस्याओं के लिए संघर्षरत समाज सेवी व्यक्ति हैं। उनकी प्राथमिकता गांव को जलभराव मुक्त करने की है, पानी की टंकी से जुड़ी दिक्कतें दूर करने की है, व सभी जरूरतमंदों को हर सरकारी लाभ पहुंचाने की है। इसके अलावा गांव वालों की समस्या क्षेत्र में लगा एक मोबाइल टावर है जो महीनों से कार्य नहीं कर रहा है जिसकी वजह से संबंधित कंपनी का नेटवर्क बंद है, हजारों लोगो की मोबाइल पर बातचीत बंद है। लोगों में बड़ा आक्रोश है।

बहादुरनगर पंचायत में फिर वापसी हुई है काके प्रधान की। देवेन्द्र सिंह उर्फ 'काके' ने पिछली बार बहुत विकास कार्य कराए थे, पंचायत वासियों के अनुसार पिछले प्रधान ने कोई कार्य ही नहीं कराए उल्टे पूरे कार्यकाल सिर्फ भेदभाव किया है, पंचायत स्तर पर बड़े घोटाले हुए हैं। सफाईकर्मी शराबी है कोई काम नहीं करता। सरजीत के घर से डामर रोड तक और सरजीत की मां के घर तक कागजों पर खड़ंजे क ई बार लगाए गए, असल में वहां एक रोड़ा तक न रखा गया। आंगनबाड़ी भवन मरम्मत और रंगाई पुताई दिखाई गई जबकि पंचायत में कोई आंगनबाड़ी भवन है ही नहीं। यहां तक पंचायत भवन में खुद पूर्व प्रधान के भाई का कब्जा है जबकि पूर्व में वह सरकारी आवास का लाभ भी प्राप्त कर चुका है।  देवेन्द्र सिंह उर्फ 'काके' ने कहा कि अब सबकी तकलीफें दूर होंगी, बिना किसी भेदभाव का प्रधान होगा। (किसी भी घोटाले की बात पर अधिकारियों ने बताया कि स्कूल आदि की दीवारों पर क ई बार कार्ययोजना भी लिखवा दी जाती है, इसका मतलब यह नहीं कि वह कार्य हो चुका है। यदि फिर भी कोई गड़बड़ी हुई है तो जांच करवाई जाएगी।)

अंबारा पंचायत के नवनिर्वाचित प्रधान रामपाल श्रीवास्तव बेहद सरल और सीधे व्यक्ति हैं। पहली बार प्रधान हुए हैं और अंबारा को विकास की पहली पंक्ति में लाना चाहते हैं। उनकी प्राथमिकता नालियां, रास्ते, इंटरलाकिंग, आरसीसी है, जलभराव से मुक्ति दिलाना है। सफाईकर्मी नहीं है ब्लाक में हाजिरी भर रहा है, सरकारी भवनों के कार्य आधे-अधूरे पड़े हैं। पंचायत में बीसों साल से राशन कोटा नहीं है, रामपाल श्रीवास्तव ने सभी कार्य करवाने के लिए दृढ़प्रतिज्ञ हैं।

पल्हनापुर की नवनिर्वाचित प्रधान शिववती तिवारी हैं। नब्बे के दशक में प्रधानी उनके परिवार में रही थी
इसलिए अनुभवी का मार्गदर्शन स्वाभाविक रूप से उन्हें मिलना था। शिववती तिवारी ने बताया कि पंचायत के हर जरूरतमंद व्यक्ति तक सरकार की कल्याणकारी योजना पहुंचे, ऐसा उनका प्रयास रहेगा। पंचायत में प्रधान प्रतिनिधि के तौर पर कार्यों की जिम्मेदारी मोहित तिवारी ने संभाल रखी है। मोहित तिवारी उच्च शिक्षित, कर्मठ, जागरूक और समाजसेवी व्यक्ति हैं। क्षेत्र में भाजपा के सेक्टर संयोजक हैं। उन्होंने कहा कि रास्ते, गलियां, नालियां, जलभराव आदि की समस्या समाधान उनकी प्राथमिकता है। इसके अलावा इंटरलाकिंग, आरसीसी निर्माण पर ध्यान देना है। पंचायत भवन जर्जर है, सामुदायिक शौचालय आधा-अधूरा पड़ा है, सारे काम करवाने हैं। पंचायत वासियों ने बताया कि पिछले प्रधानों ने शौचालय आदि योजनाएं लोगों को सिर्फ कागजों पर दे दीं, बहुत फर्जीवाड़ा किया गया है, इसके अलावा कोटेदार की मनमानी, घटतौली और अधिक पैसे लेने आम बात है। मोहित तिवारी ने कहा कि नए सिरे से सभी पात्रों को लाभ दिलाया जाएगा। सफाईकर्मी की नियुक्ति करवा रहे हैं। अन्य कार्य भी प्रभावी ढंग से लागू होंगे।

बस्तौली की नवनिर्वाचित प्रधान खूशबू देवी की प्राथमिकता सभी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करवाना है। उनके पति मनोज कुमार ने कहा कि हमारी जिस सेवा भावना को देखते हुए लोगों ने हमें जिताया है, वह भावना कायम रहेगी।

रुद्रपुर गुलरिया के नवनिर्वाचित प्रधान फूलचंद पहली बार प्रधान हुए हैं। उच्च शिक्षित व सरल स्वभाव व्यक्ति हैं। रास्तों की मरम्मत, इंटरलाकिंग आदि का काम शुरू कर दिया है, सभी विकास कार्य करवाना व सबको लाभान्वित करवाना यही उनका ध्येय है।

तिखड़ा पंचायत के नवनिर्वाचित प्रधान आशीष गौतम एक दम युवा प्रधान हैं, सिर्फ चौबीस साल के, शायद ब्लाक में सबसे युवा। न ई सोच और न ए ढंग से काम करने का जुनून है। सभी वर्गों को न्याय और सबको लाभ यही उनका मंत्र है। पंचायत में सफाईकर्मी नहीं है उसकी नियुक्ति करवाना उनकी प्राथमिकता है साथ ही गांव के रास्ते पर पड़ती छोटी नहर पर रास्ता बनवाना चाहते हैं। पंचायत वासियों ने बताया कि गांव में राशन कोटा वितरण में भारी गड़बड़ी होती है और स्वच्छ भारत अभियान के तहत दिए गए निजी शौचालयों का लाभ अभी करीब दो सौ लोगों को नहीं मिला है। आशीष गौतम ने बताया कि वे सभी समस्याओं का समाधान करवाएंगे।

मुड़िया हेमसिंह पंचायत की विशेषता यह है कि वहां की जनता ने इस बार शिक्षित परिवार को प्रधानी का जिम्मा सौंप दिया है। नवनिर्वाचित प्रधान गायत्री निर्मल बीएड हैं, उनके पति व प्रधान प्रतिनिधि पवन कुमार भी बीपीएड बीएड हैं और लोकप्रिय समाजसेवी हैं। महिला सशक्तिकरण को वरीयता देते हुए पवन कुमार ने खुद चुनाव में न उतर कर पत्नी को प्रधान पद तक पहुंचने में मदद की। उनकी प्राथमिकता पंचायत में दस साल से सफाईकर्मी विहीनता को खत्म करना है, इसके अलावा गांव के रास्तों व जलभराव को ठीक करना है। गायत्री निर्मल और उनके पति पवन कुमार ने बताया कि काफी पहले उनके पिता प्रधान थे। सेवा और विकास की सीख उनसे विरासत में मिली है।

दरियाबाद के नवनिर्वाचित प्रधान पप्पू राजपूत राधेनपुरवा मजरे के हैं। राधेनपुरवा के लोगों ने पप्पू को इसलिए प्रधान चुना है कि अब पूरी पंचायत के साथ राधेनपुरवा का भी विकास हो। लोगों ने बताया कि पिछले दस सालों में गांव में एक ईंट तक नही लगी व आधे लोगों को शौचालय तक नहीं मिल सके। कोई विकास नहीं हुआ। पप्पू ने कहा कि अब सभी के साथ न्याय होगा। लोगों की पंचायत में एक सरकारी हाईस्कूल की भी मांग है।

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