चिनहट ब्लाक के नवनिर्वाचित प्रधान, कुछ अनुभवी तो कुछ नए, सब ऊर्जावान


 लखनऊ: चिनहट ब्लाक में नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों में सबसे प्रमुख नाम है बाबूलाल वर्मा का, सरौरा पंचायत के प्रधान बाबूलाल पहले भी प्रधान रह चुके हैं, उनके प्रधान बनने से पंचायत वासियों में हर्षोल्लास का वातावरण हैै, बाबूलाल का कहना है कि सरकार की हर योजना हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है, सरौरा के कुछ कोने आज भी विकास को तरस रहे हैं, लोगों को उम्मीद है कि बाबूलाल सरौरा को एक बेहतरीन पंचायत का दर्जा दिलाएंगे।

इसी तरह दुगवर पंचायत से सुबेदार निषाद चुनाव जीत कर आए हैं। वे पहले भी प्रधान रह चुके हैं और अपने अच्छे व्यवहार और कार्य के लिए जाने जाते हैं।
नये प्रधानों में धोबैला की पूजा निषाद हैं, पश्चिम गांव से देशराज, बौरूमऊ की उमा देवी, सेरपुर से शिवकुमार, रैथा से मायावती हैं, धतिंगरा से मानसेन, कोडरी भौली से चंद्रप्रकाश आदि हैं।
बौरूमऊ की नवनिर्वाचित प्रधान उमा देवी के पति आशीष यादव युवा, शिक्षित, तेजतर्रार और विकास कार्यों के प्रति जुनूनी व्यक्ति हैं। राजनीति और सामाजिक कार्यों में उनका प्रतिनिधित्व रहा है वे भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष हैं, वे प्रधानी लड़े ही इसलिए कि अब तक किसी प्रधान ने उनके अपने गांव लोधमऊ की ओर ध्यान नहीं दिया, यहां तक कि लोधम ऊ में स्वच्छता अभियान के शौचालय भी न के बराबर दिए गए, अब उनकी पत्नी उमा देवी प्रधान हैं और वे अपनी पंचायत में बिना किसी भेदभाव के चहुंमुखी विकास के लिए दृढ़प्रतिज्ञ हैं।
सैरपुर के नवनिर्वाचित प्रधान शिवकुमार की लोकप्रियता इसी से पता चलती है कि उन्हें जिताने के लिए पंचायत वासियों के लिए उनका नाम ही काफी था, उन्हें तो अपने बैनर पोस्टर भी नहीं छपवाने पड़े, वे पंचायत के चहुंमुखी विकास के लिए दृढ़प्रतिज्ञ हैं।
पश्चिम गांव के नवनिर्वाचित प्रधान देशराज अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से करीब दोगुने वोटों से विजयी हुए हैं इससे उनकी लोकप्रियता तो पता चलती ही है पंचायत वासी उन्हें हर हाल में जिताना चाहते थे यह भी पता चलता है। उनका पंचायत से वादा है कि जलनिकास, सफाई व्यवस्था, शौचालय आवास आदि योजना पर प्राथमिकता से कार्य होगा, अब किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होगा।
अनौरा कलां ग्रामपंचायत के नवनिर्वाचित प्रधान अमित राज यादव युवा, और काम के प्रति जुनूनी व्यक्ति हैं, स्नातक, डी फार्म डिग्री धारक हैं, किसान यूनियन के जिला प्रवक्ता हैं। वे बड़े समाजसेवी व्यक्ति हैं क्षेत्र में लोग उन्हें 'डायल 100' कहकर बुलाते हैं। उनकी प्राथमिकता पंचायत में सबसे पहले शमशान व कब्रिस्तान की जगह खाली करवा कर उसे विकसित करवाना है, इसके अलावा जलभराव की समस्या से पंचायत को मुक्त कराना है, उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत में जलभराव की आज की समस्या पिछले प्रधान पति दयाशंकर की देन है, हाईवे से गिरकर आते गांव आते पानी निकासी की व्यवस्था नहीं की, नाला पूरा हो जाता तो काफी राहत मिलती लेकिन वह भी हो न सका। अमित राज यादव का कहना है कि वे लोगों को शराबखोरी की आदत से छुटकारा दिलाने का प्रयास करेंगे और बेरोजगारों को रोजगार दिलाने का प्रयास करेंगे।
पपनामऊ के नवनिर्वाचित प्रधान राजेश कुमार पुराने समाज सेवी और प्रधान पद की जिम्मेदारियों के पुराने अनुभवी हैं, क्यों कभी जब उनके पिता प्रधान थे तब वे अपने प्रधान पिता के सहायक जैसे उनका सहयोग करते थे। पंचायत में सबसे पहले एक अच्छे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण हो यह उनकी पहली प्राथमिकता है, इसके अलावा गौशाला का सुधार, गौशाला के पशुओं के लिए बेहतर व्यवस्था और जरूरतमंद लोगों को पेंशन, किसान सम्मान निधि का पैसा दिलाना, गांव में जरूरी जगहों पर मार्गप्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ करना आदि जिम्मेदारी भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल हैं। 
नरेंदी पंचायत की नवनिर्वाचित प्रधान किरन गौतम की जीत तभी पक्की हो गई थी जब उनकी सीट आई थी, उनसे पंचायत वासियों की सुधार और विकास को लेकर बड़ी उम्मीदें हैं। प्रधान के पति सुरेश कुमार गौतम का कहना है कि पंचायत की उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे, हर सरकारी लाभ हर जरूरी व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा। पंचायत में शमशान घाट व पंचायत भवन निर्माण कार्य, सफाई व्यवस्था आदि उनकी प्राथमिकताओं में हैं।
देवरिया पंचायत के नवनिर्वाचित प्रधान ओमप्रकाश गौतम पूर्व प्रधान राकेश निषाद के शिष्य हैं, पूर्व प्रधान राकेश निषाद के कार्यकाल में पंचायत में बहुत विकास कार्य हुए, ओमप्रकाश उसी शानदार परंपरा को आगे बढ़ाना चाहते हैं। पंचायत वासियों के अनुसार पूर्व प्रधान राकेश निषाद एक बेहतरीन व्यक्ति हैं और विकासप्रिय और इंसाफपसंद प्रधान रहे हैं, हर एक के सुख दुख में हमेशा साथ खड़े रहे हैं और उन्होंने अपने कार्यकाल में पंचायत का चहुंमुखी विकास करवाया है। ओमप्रकाश गौतम का कहना है कि आंगनबाड़ी, पंचायत भवन आदि के जो कुछ विकास कार्य छूट गए हैं उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाना है। राकेश निषाद ने बताया कि क्षेत्र में राशन वितरण की बड़ी समस्या है हासेमऊ का कोटेदार घटतौली , पूरा राशन न देना आदि जैसी मनमानी करता है बहुत शिकायतों के बाद भी कोई विभागीय कार्रवाई नहीं की गई। अब उनका प्रयास है कि कोटा अपनी पंचायत में लाया जाए। इसके अलावा सफाईकर्मी महिला एक लंबे समय से अनुपस्थित है शिकायत के बाद भी नहीं सुधरती, जिसकी वजह से पंचायत में तमाम जगह गंदगी का अंबार लगा है, एडीओ पंचायत ने शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। अन्य कार्यों में करीब सत्तर पीएम आवास दिलाने हैं, शौचालय नालियां रास्ते आदि ठीक करवाने हैं।
सिकंदरपुर खुर्द की नवनिर्वाचित प्रधान रामसखी उर्फ रीता यादव और उनके पति लवकुश यादव को श्रेय जाता है पहली बार अपने गांव चौधरी पुरवा में प्रधानी लाना। प्रधान का कहना है कि करीब साठ फीसद शौचालयों का निर्माण ही नहीं हुआ है और पंचायत को न जाने किस आधार पर ओडीएफ घोषित कर दिया गया। बहुत से पात्रों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है। लवकुश यादव चिनहट क्षेत्र में एक प्रसिद्ध व्यक्ति हैं कई ब्लाक प्रमुखों के सहायक रहे हैं और विकास कार्य करवाने के अनुभवी हैं। उनकी प्राथमिकता है अंतेष्ठिय स्थल, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी आदि का निर्माण व अन्य जरूरी योजनाओं को लागू करवाना।
मेहौरा की प्रधान सरलेश कनौजिया की प्राथमिकता आधा-अधूरा पड़ा शमशान और जर्जर हो चुके पंचायत भवन को सुधरवाना है। उनके सहयोगी अर्जुन यादव ने बताया कि पंचायत का एक गांव लोखरिहा बारिश के सीजन में चारों ओर से डूब सा जाता है, लोग आ जा नहीं पाते, यह समस्या पिछले प्रधानों की लापरवाही और लोखरिहा के कुछ दबंगों की देन है। अर्जुन यादव कहते हैं कि सरलेश कनौजिया को लोखरिहा के लोगों ने इस समस्या के समाधान के लिए चुना है। 

सभी नवनिर्वाचित प्रधान बहुत लोकप्रिय हैं, अपनी जिम्मेदारियों के प्रति बहुत जागरूक हैं, यह इसी से साबित होता है कि लगभग सभी प्रधान तत्काल जनता के कार्यों में लग गए हैं, सब सफाई व्यवस्था, सैनेटाइजेशन आदि तेजी से करवा रहे हैं।