लोकसभा स्पीकर की कितनी होती है सैलरी? क्या आपको पता है?

लोकसभा का स्पीकर, संसद का ही एक सदस्य होता है, इसलिए उसे 1954 के संसद अधिनियम के तहत वेतन, भत्ते और पेंशन मिलती हैं.



राजस्थान के कोटा सांसद ओम बिरला को बुधवार को लोकसभा का स्पीकर चुना गया. लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए उनकी दावेदारी के बाद सदन में उनका निर्विरोध चुनाव हुआ. वह अपने पूर्ववर्ती स्पीकरों की तुलना में सबसे कम अनुभवी हैं, लेकिन सबसे युवा स्पीकर नहीं हैं. बिरला को स्पीकर बनाए जाने का प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित हुआ. आईए जानते हैं कि एक लोकसभा स्पीकर की क्या होती है सैलरी और उन्हें किस तरह की सुविधाएं उन्हीं मिलती हैं.

क्या होती है स्पीकर की सैलरी?
लोकसभा का स्पीकर, संसद का ही एक सदस्य होता है, इसलिए उसे 1954 के संसद अधिनियम के तहत वेतन, भत्ते और पेंशन मिलती हैं. इस अधिनियम को दिसंबर 2010 में संशोधित किया गया था.

# विशेष अधिनियम के मुताबिक लोकसभा स्पीकर को 50 हजार रुपये सैलरी के तौर पर मिलती है.


# स्पीकर को हर महीने 45 हजार रुपये निर्वाचन क्षेत्र का भत्ता मिलता है.
# स्पीकर को उसके पूरे कार्यकाल के लिए संसदीय सत्र या दूसरी समितियों की बैठक में भाग लेने के दौरान 2000 रुपये का दैनिक भत्ता भी दिया जाता है.
# कार्यकाल पूरा होने के बाद स्पीकर को संसद का सदस्य होने के नाते 2010 के संसद बिल के मुताबिक 20000 रुपये की मासिक पेंशन मिलती है.# पेंशन के अलावा स्पीकर को 1500 रुपए का अतिरिक्त भत्ता भी दिया जाता है.

संसद का सदस्य होने के नाते ढेर सारी सुविधाएं भी मिलती है

#स्पीकर और उसके परिवार को सदन के मंत्रिमंडल के बराबर यात्रा भत्ता दिया जाता है.


#लोकसभा स्पीकर चाहे देश में यात्रा कर रहा हो या विदेशी दौरा पर हो उन्हें यात्रा भत्ता दिया जाता है
#सुविधाओं में मुफ्त आवास, फ्री यात्रा और फ्री बोर्डिंग शामिल है.
# फ्री बिजली, एक तय सीमा तक फ्री फोन कॉल की सुविधा