श्रीलंका में मुस्लिम मतदाताओं को लेकर जा रहे बसों पर हमला, कोई हताहत नहीं


कोलंबो। श्रीलंका में मुस्लिम समुदाय के लोगों को राष्ट्रपति चुनाव में मतदान के लिए मतदान केंद्र पर लेकर जा रहे 100 से अधिक बसों पर अज्ञात बंदूकधारियों ने शनिवार को हमला किया। पुलिस ने बताया कि यह हमला मतदान केंद्रों के खुलने से कुछ ही देर पहले हुआ। हमलावरों ने सड़क को अवरुद्ध करने के बाद बसों पर हमला किया। हमलावरों ने वाहनों पर पत्थर भी फेंके। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार हमले में किसी की मौत नहीं हुई है और कोई घायल नहीं हुआ है। पुलिस हमलावरों की तलाश कर रही है।

 

हमले के बाद एहतियात के तौर पर श्रीलंकाई सेना की अतिरिक्त टुकड़कियां श्रीलंका के मुख्य शहरों में भेज दिया गया है ताकि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। देश में मतदान के लिए लगभग 12,845 केंद्र बनाये गये हैं जिन में 1.59 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदान सुबह सुबह सात बजे शुरू हुआ और शाम पांच बजे समाप्त हो जायेगा। राष्ट्रपति पद के लिए 35 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।

 

इस चुनाव में पूर्व रक्षा मंत्री एवं श्रीलंका पीपुल्स फ्रंट के उम्मीदवार गोतबाया राजपक्षे और कैबिनेट मंत्री एवं सत्तारूढ़ यूनाइटेड नेशनल पार्टी के उम्मीदवार साजित प्रेमदासा के बीच कड़ा मुकाबला है। यह चुनाव देश के इतिहास में सबसे महंगा भी होगा। चुनाव आयोग ने अनुमान लगाया है कि इसकी लागत 7.5 अरब श्रीलंकाई रुपये (4.1 करोड़ डॉलर) है। बड़े मतपत्र, बड़ी मतपेटियों, चुनाव ड्यूटी पर सैकड़ों अतिरिक्त कर्मचारी और पानी, टेलीफोन और बिजली के बिल जैसे अतिरिक्त खर्च ऐसे कारक हैं, जिन्होंने चुनावी बिल को बढ़ा दिया है। चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए 60,000 से अधिक पुलिस कर्मियों की तैनाती की है।

 

श्रीलंका में 50 प्रतिशत से एक वोट ज्यादा पाने वाले उम्मीदवार देश के आठवें राष्ट्रपति बन जाएंगे। अगर किसी उम्मीदवार को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल पाता है तो शीर्ष दो उम्मीदवारों के उन मतों की भी गिनती की जायेगी जिनमें मतदाताओं ने उन्हें दूसरे स्थान पर प्राथमिकता दी है। लगभग दो फुट लंबे बैलेट पेपर पर 35 उम्मीदवारों के नाम और चुनाव चिह्न होंगे। पिछले चुनाव में सिर्फ 19 प्रत्याशी मैदान में थे।