पुलिसकर्मियों का प्रदर्शन, गृह सचिव की शाह संग बैठक और सभी मांगें माने जाने के बाद धरना खत्म



करीब दस घंटे के बाद प्रदर्शन कर रहे पुलिसवालों ने धरना खत्म कर दिया है। पुलिसवालों की सभी मांग मान ली गई है। पुलिसयूनियन बनाने की मांग भी मान ली गई है।




दोनों इंसाफ के सिपहसालार दोनों का काम कानून और इंसाफ की हिफाजत करना। लेकिन ऐसी जिम्मेदारी को निभाने वाले जिम्मेदार लोग अगर दुश्मनों की तरह आपस में ही भिड़ जाएंगे तो फिर कानून का क्या होगा और इंसाफ की हिफाजत का क्या होगा? पर अफसोस यही सब हुआ दिल्ली में। एक तरफ कानून तो दूसरी तरफ कानून के कोतवाल इसके बाद जो कुछ हुआ इसमें कितने वकील और पुलिसवाले घायल हुए उसका कोई मतलब नहीं रह जाता क्योंकि इससे जख्मी तो सिर्फ कानून ही हुआ। जिन दो लोगों के कंधो पर कानून की जिम्मेदारी है उन्होंने दिल्ली को ऐसा नाटक दिखा रहे हैं कि बस पूछिए ही मत। लेकिन करीब दस घंटे के बाद प्रदर्शन कर रहे पुलिसवालों ने धरना खत्म कर दिया है। पुलिसवालों की सभी मांग मान ली गई है। पुलिस यूनियन बनाने की मांग भी मान ली गई है। 



 


क्या थी पुलिसवालों की मांग


  • पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन बनाने की मांग

  • पुलिस पर हमला हो तो फौरन कार्रवाई हो

  • पुलिसवालों का निलंबन वापस हो

  • दोषी वकीलों के खिलाफ केस दर्ज हो
     

     

    बता दें कि इस मामले को लेकर गृह सचिव अजय भल्ला गृह मंत्री अमित शाह से मिले हैं। उन्होंने पुलिस और वकीलों के बीच हुए हिंसक झड़प मामले की जानकारी अमित शाह को दी है। साथ ही दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर चल रहे प्रदर्शन से भी अवगत कराया है। इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने बार काउंसिल और दिल्ली बार एसोसिएशन को नोटिस जारी किया है। इस मामले में कल फिर सुनवाई होगी। केंद्र ने आरोपी वकीलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। 

    गौरतलब है कि तीस हजारी कोर्ट में एक मामूली बात पर पुलिस और वकीलों के बीच भिड़ंत हो गई, बाद में वकीलों ने आगजनी की और पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी. बस इसी वजह से ये विवाद बढ़ता चला गया जो कि एक कोर्ट से दूसरी कोर्ट और एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंच गया था। दोनों दिल्ली पुलिस और वकीलों के बीच हिंसक झड़प मामले में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। वकीलों का आरोप है कि पार्किंग एरिया में पुलिस और एक वकील के बीच विवाद हुआ। विरोध करने पर पुलिसकर्मी उसे हवालात ले गए और मारपीट की गई। पुलिस ने जांच करने पहुंची 6 जजों की टीम को भी अंदर नहीं जाने दिया था। वहीं, पुलिस ने कहा- हवालात में कुछ कैदियों के साथ पुलिसकर्मी मौजूद थे। वकी बदला लेने के लिए हवालात में घुसकर हमला करना चाहते थे। जब उन्हें रोका गया तो पुलिस के दो वाहनों में आग लगा दी गई थी और कई अन्य वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया।




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