इज़राइल: रूस, अमेरिका और चीन के बाद दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना


इज़राइल

 

दुनिया के नक्शे में एक डॉट के बराबर दिखने वाला एक देश है। 

 

तीन इज़राइल मिलकर राजस्थान के बराबर भी नही होते है

 

फिर भी इज़राइल धार्मिक रूप से इतना कट्टर देश है कि वहां रविवार को नाक साफ करने पर न केवल जुर्माना लग जाता है बल्कि जेल भी हो सकती है, बावजूद इसके आज उसके पास रूस, अमेरिका और चीन के बाद दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना है। 

 

       इज़राइल दुनिया के उन 9 देशों में शामिल है जिनके पास खुद का सेटेलाइट सिस्टम है, जिसकी सहायता से वो ड्रोन चलाता है, अपनी सेटेलाइट टेक्नोलॉजी इज़राइल किसी देश के साथ साझा नही करता। इज़राइल दुनिया का एकमात्र देश है जो एंटी बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम से पूरी तरह लैस है। इज़राइल की ओर आने वाली हर मिसाइल न सिर्फ रास्ते मे मार गिराई जाती है बल्कि एक मिनट के भीतर मिसाइल दागने वाली जगह की पहचान कर इज़राइल जवाबी मिसाइल दाग कर सब कुछ तहस नहस कर देता है। 

 

       नागरिकता को लेकर इज़राइल की स्पष्ट नीति है कि दुनिया के किसी भी हिस्से में रहने वाले यहूदी को इज़राइल अपना नागरिक मानता है। हाँ, यहूदी होने के लिए माँ और पिता दोनों का यहूदी होना अनिवार्य है। हैरानी की बात तो यह है कि जिस कौम की धार्मिक किताब दुनिया भर की धार्मिक किताबों में सबसे ज्यादा खून खराबे का आदेश देती है, वो कौम नोबल पुरस्कारों में डंका पीट देती है। 

 

       आखिर ऐसा क्या है यहूदियों में जो न केवल आज दुनिया का सत्तर प्रतिशत कारोबार यहूदियों के हाथ मे है बल्कि अपनी सैन्य शक्ति से वो पूरी दुनिया मे अपनी ताकत का लोहा मनवाते है। इज़राइल की औरतें जिनके लिए आर्मी ट्रेनिग अनिवार्य है, उनकी सोच सिर्फ यहूदी बच्चे पैदा करना नही होती, वो फोकस करती है एक योद्धा, एक बिजनेसमैन, एक कामयाब और जहीन इंसान पैदा करने पर और ये सोच सिर्फ उसकी नही पूरी कौम, पूरे इज़राइल राष्ट्र की होती है। 

 

       एक कामयाब इंसान पैदा करने की शुरुवात वो उसी वक्त से कर देती है जब उन्हें गर्भ ठहरने का आभास होता है। प्रेग्नेंसी के दौरान यहूदी औरतें अपने लाइफ पार्टनर के साथ गणित के सवाल हल करती है। इसे मेंटल मैथ टेकनिक बोला जाता है, जिसमे सवालो को बोल बोल के हल किया जाता है। गर्भावस्था के दौरान उनका ज्यादातर वक्त गीत संगीत के बीच एक रिलैक्स इनवायरमेंट में बीतता है। 

 

       दुनिया भर में सिगरेट के सभी बड़े ब्राण्ड भले ही इज़राइली कम्पनियो के हो लेकिन आप किसी गर्भवती महिला के घर के आसपास भी सिगरेट नही पी सकते। उनका मानना है कि सिगरेट होने वाले बच्चे के डीएनए और जीन्स को खराब कर सकती है। बच्चों को जंक फूड देने की सख्ती से मनाही होती है। उन्हें कार्टून, फुटबाल के बजाय तीरंदाज़ी और शूटिंग जैसे खेल खिलाए और सिखाए जाते है। उनका मानना है कि तीरंदाज़ी और शूटिंग जैसे खेल बच्चों में सही फैसले लेने की सलाहियत पैदा करते है। स्कूल में भर्ती करने से पहले ही माँ बाप बच्चों को प्रैक्टिकली कारोबारी मैथ सिखाते हैं ।

 

बच्चों को धार्मिक या अन्य विषयों से इतर साइंस पढ़ने के लिए ज्यादा प्रेरित किया जाता है। पढ़ाई के आखिरी सालों में डिग्री कालेजो में कारोबार स्टडी के लिए उनके ग्रुप बना कर उन्हें टास्क दिए जाते है और सिर्फ उसी ग्रुप के बच्चे पास किए जाते है जो कम से कम 10,000 डॉलर का मुनाफा कमाने में सफल हो जाए। इससे कम मुनाफे वालो को डिग्री नही दी जाती।

 

       न्यूयार्क में इनका एक सोशल सेट अप सेंटर है जो यहूदियों को बिज़नेस के लिए बिना ब्याज के लोन प्रोवाइड कराते है। मेडिकल साइंस के स्टूडेंट को नौकरी करने के बजाय प्राइवेट प्रैक्टिस के लिए सेटअप उपलब्ध कराया जाता है। इसीलिए पूरी दुनिया मे यहूदी डॉक्टर्स आपको नौकरी में रेयर ही मिलेंगे। इज़राइल के नागरिक नौकरी नही करते बल्कि दुनियां के लोगो को नौकरी देते है।

 

       इज़राइल सिर्फ एक देश एक कौम नही, ये एक इंफ्रास्ट्रक्चर एक सोच है जो नस्ल दर नस्ल आगे बढ़ाई जाती है। दुनियां को इनसे सीखने की जरूरत है। 

 

        सोचिए और सीखिए कैसे एक छोटी सी कम्युनिटी धार्मिक रूप से कट्टर होते हुए भी पूरी दुनिया पर छाई है.. खासकर हमारे जैसे देश को इस बारे में सोचने की बहुत जरूरत है हम कैसे उस रास्ते पर चल सकते है।